नमामिशमीशान निर्वांरूपम \ विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं \ चिदा काश शवाषम भजेहुम ।
निराकार्मोकार्मुलम तुरियम
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं \ चिदा काश शवाषम भजेहुम ।
निराकार्मोकार्मुलम तुरियम

महांकाल